CIC के आदेश की पालना पर NHAI घिरा, अधिकारियों को 15 दिन का लीगल नोटिस
12 मई के आदेश में चार सप्ताह में रिकॉर्ड निरीक्षण कराने के निर्देश, समय सीमा गुजरने के बाद भी फाइलों की सूची नहीं देने का आरोप
अधिवक्ता मनीष कुमार ने CPIO और FAA को भेजा नोटिस, आदेश की पालना नहीं होने पर CIC में कार्रवाई की चेतावनी
रांची/डाल्टनगंज। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के स्पष्ट आदेश के बावजूद रिकॉर्ड निरीक्षण नहीं कराने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा गया है। मामले में झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनीष कुमार ने अपने क्लाइंट आर.आर. मेहता की ओर से NHAI के संबंधित CPIO एवं First Appellate Authority (FAA) को 30 जुलाई 2026 को लीगल नोटिस जारी किया है।
मामला Central Information Commission के File No. CIC/NHAIN/A/2025/112179 से जुड़ा है। नोटिस के अनुसार, CIC ने 12 मई 2026 को आदेश पारित करते हुए संबंधित CPIO को रिकॉर्ड निरीक्षण कराने के निर्देश दिए थे।
CIC का आदेश—पहले फाइलों की पूरी सूची, फिर निरीक्षण
नोटिस में कहा गया है कि आयोग के आदेश के अनुसार संबंधित CPIO को चार सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड निरीक्षण की सुविधा उपलब्ध करानी थी। इसके लिए पहले ऐसी सभी फाइलों की सूची देने के निर्देश थे, जिसमें प्रत्येक फाइल का File Number, Subject और Total Number of Pages दर्ज होना था।
आयोग ने संबंधित रिकॉर्ड को निरीक्षण के समय एक स्थान पर उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए थे। वहीं FAA को आदेश की पालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
चार सप्ताह बीते, लेकिन न सूची मिली न निरीक्षण की तारीख
अधिवक्ता मनीष कुमार की ओर से जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आयोग द्वारा निर्धारित चार सप्ताह की अवधि समाप्त होने के बावजूद उनके क्लाइंट को न तो फाइलों की अपेक्षित सूची उपलब्ध कराई गई और न ही रिकॉर्ड निरीक्षण के लिए कोई निश्चित तारीख, समय और स्थान लिखित रूप से बताया गया।
नोटिस में कहा गया है कि CIC के आदेश की पालना नहीं होने से RTI आवेदक अपने वैधानिक अधिकार के तहत रिकॉर्ड का निरीक्षण करने और आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने से वंचित है।
CPIO और FAA से 15 दिन में मांगी गई कार्रवाई
कानूनी नोटिस में NHAI अधिकारियों को 15 दिनों की अंतिम समय सीमा देते हुए CIC के आदेश की पूर्ण पालना करने को कहा गया है। इसके तहत—
- सभी संबंधित फाइलों की पूरी सूची उपलब्ध कराने,
- File Number, Subject और कुल पृष्ठों की संख्या बताने,
- निरीक्षण के लिए निश्चित तारीख, समय और स्थान तय करने,
- सभी संबंधित रिकॉर्ड एक स्थान पर उपलब्ध कराने तथा
- निरीक्षण के बाद नियमानुसार शुल्क पर आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने
की मांग की गई है।
पालना नहीं हुई तो CIC और सक्षम प्राधिकारियों का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर आदेश की पालना नहीं की गई तो आर.आर. मेहता की ओर से केंद्रीय सूचना आयोग एवं अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उचित कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
अधिवक्ता ने नोटिस में RTI Act, 2005 के तहत उपलब्ध वैधानिक उपायों सहित अन्य कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात कही है।
अब निगाहें NHAI की कार्रवाई पर
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 12 मई को CIC द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चार सप्ताह की निर्धारित अवधि में आदेश की पालना क्यों नहीं हुई? अब लीगल नोटिस के बाद NHAI के संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करते हैं या मामला केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष दोबारा पहुंचता है, इस पर निगाह रहेगी।
नोट: यह समाचार अधिवक्ता द्वारा जारी लीगल नोटिस में वर्णित तथ्यों और आरोपों पर आधारित है। संबंधित NHAI अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

