आयोग के आदेश की कथित अवहेलना पर दो तहसील अधिकारियों के खिलाफ FIR अधूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने और बाद में फिर वही रिकॉर्ड भेजने का आरोप, प्रागपुरा पुलिस ने दर्ज किया मामला

आयोग के आदेश की कथित अवहेलना पर दो तहसील अधिकारियों के खिलाफ FIR
अधूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने और बाद में फिर वही रिकॉर्ड भेजने का आरोप, प्रागपुरा पुलिस ने दर्ज किया मामला
कोटपूतली-बहरोड़। पावटा तहसील कार्यालय से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के मामले में कथित अनियमितता को लेकर प्रागपुरा थाना पुलिस ने दो अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR संख्या 0405/2026 दिनांक 7 सितंबर 2026 को दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2), 199(a), 223(a) एवं 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 लगाई गई है।

FIR में शिकायतकर्ता लीगल अम्बिट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव धनबीर सिंह की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 9 नवंबर 2024 को तत्कालीन कार्यवाहक तहसीलदार संजय खेदड़ से कार्यालय में संधारित लोक दस्तावेजों की प्रतियां मांगी थीं। शिकायत के अनुसार, 26 नवंबर 2024 को जवाब देते हुए उन्हें अधूरे दस्तावेज उपलब्ध करवाए गए। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर-तृतीय के समक्ष वाद संख्या 522/2024 प्रस्तुत किया।
शिकायत में आगे कहा गया है कि आयोग ने 19 मई 2025 के अधिनिर्णय में आवेदन के बिंदु संख्या 2, 5 और 6 से संबंधित वांछित दस्तावेज एक माह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, आदेश की तामील 18 जून 2025 को होने के बावजूद मांगे गए दस्तावेज पूरी तरह उपलब्ध नहीं करवाए गए।

वही दस्तावेज दोबारा भेजने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, बाद में तहसीलदार लोकेन्द्र मीना की ओर से पत्रांक रीडर/2025/675 दिनांक 5 दिसंबर 2025 के माध्यम से दस्तावेज ई-मेल एवं डाक से भेजे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये वही दस्तावेज थे जो पूर्व में तत्कालीन कार्यवाहक तहसीलदार संजय खेदड़ की ओर से उपलब्ध करवाए गए थे, जबकि आयोग के आदेशानुसार मांगे गए दस्तावेज अब भी उपलब्ध नहीं करवाए गए थे।

शिकायत में दोनों अधिकारियों के बीच मिलीभगत, पद के कथित दुरुपयोग तथा आयोग के आदेश की अनुपालना का भ्रम पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

प्रागपुरा पुलिस ने शुरू की जांच
FIR के अनुसार शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रागपुरा थाना प्रभारी भजनाराम, पुलिस निरीक्षक ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में पुलिस ने दर्ज धाराओं के तहत अपराध सामने आने का उल्लेख करते हुए प्रकरण को अनुसंधान में लिया है।
मामले की जांच में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा आयोग के निर्देशों का वास्तव में पालन किया गया था या नहीं तथा दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की आपराधिक अनियमितता हुई थी या नहीं।
नोट: यह समाचार संलग्न FIR में दर्ज आरोपों और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर आधारित है। आरोपों की अंतिम सत्यता जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम से निर्धारित होगी।

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