नगर निकाय चुनाव-2026: नागौर में 25 सितंबर तक निषेधाज्ञा, हथियार जमा कराने और रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर पर रोक

नगर निकाय चुनाव-2026: नागौर में 25 सितंबर तक निषेधाज्ञा, हथियार जमा कराने और रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर पर रोक

संवाददाता/रियांबड़ी,नागौर @मुरलीधर पारीक

नागौर, 19 अगस्त। नगर निकाय आम चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने जिले के नगर परिषद नागौर सहित 9 नगरीय क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू करने के साथ ही शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों को हथियार जमा कराने तथा ध्वनि प्रसारण यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।

9 नगरीय क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के बाद नागौर नगर परिषद तथा नगर पालिका मूण्डवा, कुचेरा, मेड़ता सिटी, डेगाना, बासनी, जायल, रियांबड़ी एवं मेड़तारोड़ में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। इन क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। आदेश 19 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 25 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।

निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र तथा धारदार या घातक हथियार लेकर चलने एवं उनके प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, निःशक्त, असहाय, बीमार एवं अतिवृद्ध व्यक्तियों को सहारे के लिए लाठी रखने तथा सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की छूट रहेगी। शस्त्र निरीक्षण अथवा पुलिस थाने में शस्त्र जमा कराने के लिए ले जाते समय यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

21 अगस्त तक जमा कराने होंगे लाइसेंसी हथियार

चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के लिए नगर निकाय क्षेत्रों में रहने वाले सभी शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों को अपने लाइसेंस में दर्ज शस्त्र 21 अगस्त 2026 से पूर्व संबंधित पुलिस थाने में जमा कराने होंगे। यह आदेश उन लाइसेंसधारियों पर भी लागू होगा जिनके शस्त्र अनुज्ञापत्र नागौर जिले के अलावा राजस्थान के किसी अन्य जिले अथवा देश के किसी अन्य क्षेत्र के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए हैं।

आत्मरक्षा अथवा अन्य उचित कारण से शस्त्र अपने पास रखने की आवश्यकता वाले अनुज्ञापत्रधारी संबंधित थानाधिकारी के समक्ष सकारण आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदन जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा, जिसके बाद जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी गुण-दोष के आधार पर निर्णय करेगी।

बैंक सुरक्षाकर्मी, सीमा सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेन्स, होमगार्ड तथा चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए हथियार रखने हेतु अधिकृत केंद्रीय एवं राज्य अधिकारी-कर्मचारी इस आदेश से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा पंजीकृत कंपनियों एवं पेट्रोल पंप मालिकों को संस्था की सुरक्षा के लिए जारी अनुज्ञापत्र, धार्मिक परंपरा के अनुसार शस्त्र रखने वाले व्यक्ति, राइफल एसोसिएशन के सदस्य, खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले लाइसेंसधारी तथा स्क्रीनिंग कमेटी से विशेष छूट प्राप्त लाइसेंसधारी भी इसके दायरे में नहीं आएंगे।

21 अगस्त तक शस्त्र जमा नहीं कराने पर लाइसेंस निरस्त या निलंबित करने के साथ आयुध अधिनियम, 1959 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर पर पूर्ण रोक

नगर निकाय क्षेत्रों में ध्वनि प्रसारण एवं विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया है। राजस्थान कोलाहल अधिनियम, 1963 की धारा 3 एवं 5 के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण एवं विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकारी बिजली एवं टेलीफोन के खम्भों पर किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल द्वारा ध्वनि प्रसारक यंत्र नहीं लगाए जा सकेंगे।

बिना पूर्व अनुमति घुमन्तु माइक का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। विशिष्ट मामलों एवं राजनीतिक दलों से संबंधित मामलों में संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से आवश्यकता के अनुसार ध्वनि प्रसारण यंत्र के उपयोग की अनुमति ली जा सकेगी, लेकिन रात 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।

चिकित्सालय, सरकारी कार्यालय, न्यायालय एवं शिक्षण संस्थानों के आसपास निर्धारित शांत क्षेत्रों में ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

जुलूस, सभा और चुनाव प्रचार के लिए भी नियम तय

निषेधाज्ञा के दौरान संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्वानुमति के बिना जुलूस, सभा, धार्मिक समारोह एवं सार्वजनिक बैठक आयोजित नहीं की जा सकेगी। विवाह समारोह एवं शवयात्रा को इससे छूट रहेगी। पुलिस की स्वीकृति के तहत आयोजित धार्मिक समारोह, जुलूस एवं कार्यक्रम भी निर्धारित अपवादों के अनुसार आयोजित किए जा सकेंगे।

चुनाव प्रचार के लिए तीन से अधिक वाहनों का काफिला रखने या चलाने पर रोक रहेगी। प्रचार वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्वानुमति आवश्यक होगी।

साम्प्रदायिक एवं जातिगत सद्भाव बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक

आदेश के तहत साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले अथवा उत्तेजनात्मक नारे, भाषण एवं उद्बोधन देने तथा ऐसी सामग्री के प्रकाशन एवं वितरण पर प्रतिबंध रहेगा। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।

सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर नारा लेखन, प्रतीक चित्रण, पोस्टर एवं होर्डिंग लगाने तथा संपत्तियों के विरूपण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा सेवन पर भी रोक

निषेधाज्ञा के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन करने, कराने अथवा इसके लिए दुष्प्रेरित करने पर रोक रहेगी। अधिकृत विक्रेताओं को छोड़कर सार्वजनिक स्थलों से मदिरा का अनधिकृत आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित सूखा दिवस पर मदिरा की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

राजकीय ड्यूटी के दौरान हथियार रखने के लिए अधिकृत अधिकारी-कर्मचारी, ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा मतदान दलों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी निषेधाज्ञा के संबंधित प्रावधानों से मुक्त रहेंगे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता का पालन सभी संबंधित व्यक्तियों एवं राजनीतिक दलों के लिए अनिवार्य होगा। आदेशों की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित संबंधित कानूनों के तहत अभियोजन एवं अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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