
प्रदेश में 1 करोड़ से अधिक तथा नागौर जिले में 2.90 लाख से अधिक वंचित पात्रों को मिली खाद्य सुरक्षा
नागौर, 29 जुलाई। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रदेश के 1 करोड़ से अधिक वंचित पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक खाद्य सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इन प्रयासों से लाखों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संबल मिला है।
मंत्री गोदारा ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 तक 12 लाख 95 हज़ार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ किए जाने के पश्चात प्रदेश के 88 लाख 19 हज़ार 785 पात्र व्यक्तियों को योजना में शामिल किया गया। इनमें नागौर जिले के 2,90,136 वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिला।
नागौर जिले में विधानसभा क्षेत्रवार लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है—
नागौर – 63,453
जायल – 55,912
खींवसर – 63,308
मेड़ता – 56,873
डेगाना – 50,590
खाद्य सुरक्षा के साथ मिल रहा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ!
मंत्री गोदारा ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल रहा है। इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सिलेंडर योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से लाखों परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मानसून के मद्देनजर पात्र परिवारों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।
‘गिव अप’ अभियान से पात्र परिवारों के लिए खुले नए अवसर
मंत्री गोदारा ने बताया कि नवंबर 2024 में चलाए गए ‘गिव अप’ अभियान के तहत लगभग 67 लाख लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा, जबकि लगभग 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटाए गए। इससे रिक्त हुए स्थानों पर नए पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जा सका।
उन्होंने कहा कि इस अभियान की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सराहना की गई तथा राजस्थान मॉडल को बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

