उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में रेल विस्तार की मांग ने पकड़ा जोर : सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने 4 नए रेल मार्गों के सर्वे की लोकसभा में उठाई मांग
दक्षिण राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने और आर्थिक विकास को गति देने का किया आग्रह

संवाददाता – संतोष व्यास
उदयपुर/डूंगरपुर। दक्षिण राजस्थान के दुर्गम और जनजातीय बहुल उदयपुर लोकसभा क्षेत्र को देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सोमवार को संसद में प्रमुखता से आवाज उठाई। नियम 377 के तहत लोकसभा में मामला रखते हुए सांसद ने क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए चार नए रेल मार्गों के तत्काल सर्वे की मांग की।
सांसद डॉ. रावत ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है, लेकिन उदयपुर का अधिकांश जनजातीय क्षेत्र दुर्गम पहाड़ियों के कारण आज भी रेल सुविधाओं से वंचित है। इसके चलते स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और आवागमन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सांसद ने चार प्रमुख रेल मार्गों के सर्वे को प्राथमिकता देने का आग्रह किया जिसके तहत उदयपुर-पिंडवाड़ा-आबूरोड लाइन का सर्वे होने से गुजरात के कांडला बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित कर व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देगी। वहीं, उदयपुर-गोगुंदा-सायरा-फालना मार्ग से मारवाड़ और गुजरात से सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगा।
इसके अलावा उदयपुर-जयसमंद रोड-प्रतापगढ़ मार्ग द्वारा दूरस्थ जनजातीय इलाकों को मुख्यधारा की रेल सुविधाओं से जोड़ेगा। वहीं, बड़ी सादड़ी-बांसवाड़ा मार्ग दक्षिण राजस्थान और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के बीच एक मजबूत अंतरराज्यीय रेल संपर्क कायम करेगा।
सांसद रावत ने विश्वास जताया कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप इन प्रस्तावित रेल लाइनों का सर्वे कराकर स्वीकृतियां प्रदान की जाती हैं, तो इससे न केवल उदयपुर बल्कि पूरे मेवाड़ और वागड़ अंचल के समग्र विकास को एक नया आयाम मिलेगा।

