
नागौर : जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न सहकारिता योजनाओं, पैक्स के डिजिटलीकरण, अधोसंरचना विकास, कृषि सेवाओं के विस्तार तथा बैंकिंग सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और किसान हितैषी बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र प्रवर्तित पैक्स कंप्यूटरीकरण योजना के तहत जिले के स्वीकृत 221 पैक्स में से 171 पैक्स पूर्ण रूप से ई-पैक्स के रूप में ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य कर रहे हैं। इससे किसानों को गांव स्तर पर ही पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं तथा अभिलेखों का सुरक्षित डिजिटलीकरण सुनिश्चित हुआ है। जिला कलेक्टर ने शेष पैक्स को भी शीघ्र ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत 500, 250 एवं 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन गोदामों का निर्माण पूर्ण होकर उनका उपयोग भी प्रारंभ हो चुका है। जिला कलेक्टर ने शेष गोदामों का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को भंडारण की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर कुमार ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र रियायती दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित कस्टम हायरिंग सेंटरों की प्रगति की भी समीक्षा करी, जिले की 23 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित हैं तथा बजट घोषणा के तहत छह नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
बैठक में बताया गया कि जिले के 170 पैक्स अब कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही स्थान पर 300 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला कलेक्टर ने इन सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए ।
कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने “सहकारिता में सहयोग” की भावना को मजबूत करने के लिए जिले की सभी सहकारी समितियों, विशेषकर डेयरी समितियों, के खाते नागौर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संचालित करने तथा समितियों की समस्त जमा राशि इसी बैंक में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डेयरी सदस्यों के बैंकिंग कार्यों को अधिक सरल बनाने के लिए नाबार्ड के सहयोग से डेयरी समितियों में माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने बैंक शाखाओं एवं सहकारी समितियों में ग्राहक सुविधाओं को और बेहतर बनाने, गुणवत्तापूर्ण ऋण वितरण, प्रभावी ऋण वसूली, जमा राशि में वृद्धि तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों पर नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बैंक शाखाओं एवं सहकारी समितियों को विकास कार्यों में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी, जिससे जिले की सहकारिता व्यवस्था और अधिक सशक्त एवं परिणाममुखी बन सके।
बैठक में नागौर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के अधिकारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

