नागौर महिला थाने में महिला SHO क्यों नहीं? महिला थाना होने के बावजूद महिला अधिकारी की तैनाती पर उठे सवाल

नागौर महिला थाने में महिला SHO क्यों नहीं?

महिला थाना होने के बावजूद महिला अधिकारी की तैनाती पर उठे सवाल

 

नागौर। महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों की संवेदनशील सुनवाई के लिए बनाए गए महिला थाने में महिला SHO की तैनाती नहीं होना अब चर्चा और सवालों का विषय बनता जा रहा है। खासकर तब, जब पुलिस विभाग में महिला अधिकारी मौजूद हैं।

महिला थाना वह स्थान है, जहां घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, पारिवारिक विवाद और अन्य संवेदनशील मामलों को लेकर महिलाएं अपनी शिकायत लेकर पहुंचती हैं। ऐसे मामलों में कई महिलाएं पुरुष अधिकारी के सामने अपनी निजी और संवेदनशील बातें खुलकर रखने में संकोच महसूस कर सकती हैं।

महिला अधिकारी उपलब्ध हैं तो महिला थाने में तैनाती क्यों नहीं?

यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है कि यदि पुलिस विभाग में महिला पुलिस अधिकारी उपलब्ध हैं, तो नागौर महिला थाने की कमान महिला अधिकारी को क्यों नहीं सौंपी गई?

महिला थाने की स्थापना का उद्देश्य ही महिलाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी समस्या बिना भय और झिझक के बता सकें। ऐसे में महिला SHO की मौजूदगी महिलाओं में विश्वास और सहजता बढ़ा सकती है।

पुलिस प्रशासन से सीधे सवाल

1. नागौर महिला थाने में वर्तमान में महिला SHO की तैनाती क्यों नहीं है?

2. क्या जिले में महिला पुलिस अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं?

3. यदि महिला अधिकारी उपलब्ध हैं तो उन्हें महिला थाने की जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई?

4. क्या पुलिस विभाग ने कभी इस बात का आकलन किया कि महिला SHO के अभाव में संवेदनशील मामलों की शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं को किस प्रकार की असहजता का सामना करना पड़ता है?

5. क्या महिला थाने में महिला SHO की नियुक्ति के संबंध में कोई प्रस्ताव या प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है?

मुद्दा किसी अधिकारी विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि महिला थाने की मूल अवधारणा और महिलाओं के सहज एवं सुरक्षित माहौल से जुड़ा है।

पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नागौर महिला थाने में महिला SHO की नियुक्ति क्यों नहीं की गई और क्या भविष्य में इसकी कमान महिला अधिकारी को सौंपने पर विचार किया जाएगा।

सवाल सीधा है—जब थाना महिलाओं के लिए है, तो उसकी कमान महिला अधिकारी के हाथ में क्यों नहीं?

महावीर पारीक
सीईओ & फाउंडर, Legal Ambit
सम्पादक, Justice Ambit

 

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