
संवाददाता/ रियां बड़ी- नागौर
नागौर, 12 अगस्त। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों को आई-स्टार्ट राजस्थान कार्यक्रम के संबंध में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को आई -स्टार्ट राजस्थान कार्यक्रम, स्टार्टअप की अवधारणा तथा नए व्यावसायिक विचार को स्टार्टअप में बदलने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी समस्या के समाधान के लिए तैयार किया गया नया और उपयोगी विचार सफल स्टार्टअप का आधार बन सकता है।
इस दौरान विद्यार्थियों को आई-स्टार्ट राजस्थान के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार प्रथम स्तर पर पुरुष संस्थापक के लिए ₹2.40 लाख तथा महिला संस्थापक के लिए ₹3 लाख तक की सहायता का प्रावधान है। द्वितीय स्तर पर अधिकतम ₹60 लाख तथा तृतीय स्तर पर अधिकतम ₹2 करोड़ तक की सहायता ऋण के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक कुम्भाराम रैलावत ने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाले बनने के साथ-साथ नौकरी देने वाले उद्यमी बनने का भी लक्ष्य रखें।
प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित करना तथा उनके नए विचारों को आई -स्टार्ट राजस्थान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उचित मंच उपलब्ध कराना रहा।

