लाडनूं उप जिला चिकित्सालय में बड़ी लापरवाही: निःशुल्क काउंटर से मरीज को थमा दी एक्सपायरी डेट की दवा, मचा हड़कंप

लाडनूं। शहर के राजकीय उप जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के निःशुल्क दवा वितरण काउंटर से एक मरीज को मियाद (एक्सपायरी डेट) पार कर चुकी दवा वितरित कर दी गई। गनीमत रही कि मरीज को दवा देने से पहले परिजनों की नजर एक्सपायरी डेट पर पड़ गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर के कुम्हारों का बास निवासी इंद्रचंद नागपुरिया शुक्रवार को अपनी बीमार बहन को उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पर्ची पर दवाइयां लिखी गईं। इसके बाद परिजन अस्पताल परिसर में स्थित मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पहुंचे और पर्ची दिखाकर दवाइयां लीं।
घर जाकर देखा तो उड़े होश
परिजन दवाइयां लेकर घर पहुंचे और जब मरीज को खुराक देने के लिए पैकेट की जांच की गई, तो पता चला कि मिली हुई दवा की एक्सपायरी डेट पहले ही निकल चुकी थी। इस बात की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों का कहना है कि अगर अनजाने में यह दवा मरीज को खिला दी जाती, तो उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ सकती थी या कोई अनहोनी हो सकती थी।
स्टॉक प्रबंधन और वितरण प्रणाली पर उठे सवाल
सरकारी अस्पतालों में दवाओं के वितरण से पहले उनकी निर्माण और एक्सपायरी तिथि की नियमित जांच का सख्त नियम है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक्सपायर हो चुकी दवा स्टोर से काउंटर तक और फिर मरीज के हाथों तक कैसे पहुंच गई? क्या काउंटर पर बैठे कार्मिक वितरण के समय तारीख की जांच नहीं करते?
घटना के बाद स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से पूरे दवा स्टॉक की तत्काल जांच कराने और मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

