भाजपा में एंट्री के 48 घंटे बाद ‘यू-टर्न’, कमलेश साहू बोले- कांग्रेस का था, कांग्रेस का ही रहूंगा।
कमलेश साहू ने वीडियो जारी कर कहा-‘दबाव और धमकी में कराया भाजपा में शामिल,भाजपा का मंच साझा करने पर मांगी माफी।
केकड़ी। मनोज गुर्जर। निकाय चुनाव से पहले केकड़ी की सियासत में दल-बदल के बीच एक और बड़ा सियासी ट्विस्ट सामने आया है। दो दिन पहले भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले कांग्रेस के पूर्व पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू ने अब सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में बने रहने का ऐलान किया है। साहू ने भाजपा में शामिल होने को लेकर दबाव और धमकी का दावा करते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। साहू ने वीडियो में कहा कि 26 अगस्त को उन्हें दबाव और धमकी देकर भाजपा में शामिल कराया गया था। उन्होंने दावा किया कि वे लगातार कांग्रेस के सदस्य हैं और आगे भी कांग्रेस परिवार का हिस्सा बने रहेंगे। भाजपा की सदस्यता लेने के महज दो दिन बाद सामने आए इस बयान ने निकाय चुनाव से पहले केकड़ी की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
*‘मैं कांग्रेस का सदस्य हूं और कांग्रेस में ही रहूंगा’*-सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कमलेश साहू ने कहा कि वे लगातार कांग्रेस के सदस्य हैं और आगे भी कांग्रेस परिवार के सदस्य रहेंगे। उन्होंने भाजपा का मंच साझा करने के लिए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से माफी भी मांगी। साहू के इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल है। वहीं भाजपा की ओर से उनके दबाव और धमकी के आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
*दो दिन में बदली तस्वीर, दल-बदल की सियासत ने पकड़ा जोर*-निकाय चुनाव में टिकट वितरण से पहले केकड़ी में दल-बदल का दौर लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। 25 अगस्त को भाजपा नेता एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। इसके बाद भाजपा की ओर से भी जवाबी सियासी कदम उठाया गया। इसी क्रम में विधायक शत्रुघ्न गौतम ने केकड़ी के पूर्व पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू और सरवाड़ नगर पालिका के पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़ को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई थी। इस घटनाक्रम को भाजपा की ओर से कांग्रेस को राजनीतिक जवाब के तौर पर देखा गया। लेकिन महज दो दिन बाद कमलेश साहू के सोशल मीडिया वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को फिर पलट दिया। साहू ने कांग्रेस में बने रहने की बात कहते हुए भाजपा में शामिल होने को लेकर दबाव और धमकी का दावा किया है।
*सियासी ‘शह-मात’ का खेल और तेज*-एक ओर भाजपा से कांग्रेस में अनिल मित्तल की एंट्री और दूसरी ओर कांग्रेस से भाजपा में कमलेश साहू की सदस्यता—दोनों घटनाक्रमों के बाद अब साहू के वापस कांग्रेस में बने रहने के ऐलान ने केकड़ी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।निकाय चुनाव से पहले सामने आए इस घटनाक्रम को राजनीतिक जानकार सियासी शह-मात के खेल से जोड़कर देख रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि कमलेश साहू के दबाव और धमकी के दावे पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और आने वाले दिनों में इसका निकाय चुनाव के टिकट वितरण एवं स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

