रेटा विद्यालय में इकलौते शिक्षक की प्रतिनियुक्ति निरस्त करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन ग्रामीणों का आरोप : अंग्रेजी शिक्षक की तहसील कार्यालय में प्रतिनियुक्ति से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई

रेटा विद्यालय में इकलौते शिक्षक की प्रतिनियुक्ति निरस्त करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप : अंग्रेजी शिक्षक की तहसील कार्यालय में प्रतिनियुक्ति से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई

संवाददाता – संतोष व्यास
डूंगरपुर। जिले के ग्राम पंचायत रेटा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। विद्यालय में पदस्थापित अंग्रेजी विषय के एकमात्र शिक्षक शादाब हुसैन की तहसील कार्यालय में लगाई गई प्रतिनियुक्ति को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षक की प्रतिनियुक्ति रद्द कर उन्हें विद्यालय में पुनः नियमित अध्यापन के लिए नहीं भेजा गया, तो इससे कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

– एकमात्र शिक्षक के हटने से पढ़ाई ठप होने की नौबत
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेटा, जो जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर ग्रामीण अंचल में स्थित है, जिसमें वर्तमान में अंग्रेजी विषय के केवल एक ही शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यालय में द्वितीय श्रेणी अध्यापक का पद पहले से ही रिक्त चल रहा है। ऐसे में एकमात्र शिक्षक को तहसील कार्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिए जाने से विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा मिलना उनका मौलिक अधिकार है। इकलौते शिक्षक की प्रतिनियुक्ति से 300 बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

– अन्य कार्मिक की ड्यूटी लगाने की मांग

समाजसेवी अनिल जैन, जिला परिषद सदस्य जयचंद आमलिया व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि शादाब हुसैन की तहसील कार्यालय में लगाई गई प्रतिनियुक्ति तुरंत प्रभाव से निरस्त की जाए और उनके स्थान पर किसी अन्य विभाग या विद्यालय के गैर-शिक्षण कार्मिक की ड्यूटी लगाई जाए। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों का अध्ययन बिना किसी रुकावट के सुचारू रह सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की इस न्यायसंगत मांग का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिस पर तुरंत सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। इस अवसर पर समाजसेवी अनिल जैन, जिला परिषद सदस्य जयचंद आमलिया, ग्राम पंचायत रेटा प्रशासक अमृत देवी, कानजी भाई, आनंद, हरीश कोटेड, गौतमलाल आमलिया सहित समस्त ग्रामवासी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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